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Thursday, December 4, 2014

याद है मुझे आज भी बारिश का दिन सुहाना

याद है मुझे आज भी बारिश का दिन सुहाना
वो तुम्हें देखकर मेरा खुद से ही नज़रें चुराना
महफ़िल के बीच छुपकर तुमसे नज़रें मिलाना

याद है मुझे आज भी बारिश का दिन सुहाना।

याद है मुझे आज भी वहां मेरा वो देर से आना
बातें करते-करते तुम्हारी बातों में खो जाना।
तुमसे और बात करने के लिए मेरा ढूंढ़ना बहाना
याद है मुझे आज भी बारिश का दिन सुहाना।
याद है मुझे अब भी तुम्हारा मेरा दिल धड़काना
याद है अब भी मुझे वो मेरा शर्म से नज़रें झुकाना।
याद है मुझे अब भी तुमसे हाल-ए-दिल छिपाना। याद है मुझे आज भी बारिश का दिन सुहाना। 

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